क्या मिट्टी खाने से कोई बीमारी दूर होती है, या यह महज एक भ्रम है?
ज्यादातर बच्चों में मिट्टी या चूना खाने की आदत देखी जाती है। संभवतः आपने भी अपने बचपन के दिनों में ऐसा किया हो। बच्चों की इस आदत को छुड़वाने के लिए माता-पिता अक्सर काफी कोशिशें करते हैं और इसे लेकर वे बहुत परेशान भी रहते हैं। लेकिन, क्या आपके मन में कभी यह सवाल आया है कि आखिर बच्चों में मिट्टी खाने की यह तीव्र इच्छा क्यों पैदा होती है और इसके पीछे क्या वजह है?
ऑनलाइन माध्यमों और इंटरनेट पर मौजूद कई आर्टिकल्स में यह भ्रांति फैलाई जाती है कि मिट्टी खाने से बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि इसके कई फायदे होते हैं। आइए यह जानने का प्रयास करते हैं कि बच्चों द्वारा मिट्टी खाने के पीछे के वास्तविक कारण क्या हैं और क्या सच में इससे उनकी सेहत को कोई लाभ पहुंचता है, या फिर यह सिर्फ एक गलत जानकारी है।
बच्चे मिट्टी का सेवन क्यों करते हैं?
बच्चों द्वारा मिट्टी खाए जाने के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जिन्हें समझना माता-पिता के लिए बेहद जरूरी है:
- जिज्ञासा और उत्सुकता: कई रिपोर्ट्स दावा करती हैं कि बच्चों में नई चीजों के बारे में जानने की अत्यधिक उत्सुकता होती है। किसी भी नई चीज की सुगंध और स्वाद को पहचानने के लिए वे किसी भी 'नॉन-फूड' (अखाद्य) वस्तु को अपने मुंह में डाल लेते हैं।
- पिका (PICA) डिसऑर्डर: बच्चों की इस हरकत के पीछे मुख्य रूप से 'PICA' नामक एक डिसऑर्डर होता है। यह 1 से 7 वर्ष की आयु के बच्चों में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। इस विकार से ग्रस्त बच्चे कोई भी सामान अपने मुंह में डालने का प्रयास करते हैं।
- पोषक तत्वों की कमी: बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शिखा गर्ग के अनुसार, अक्सर शरीर में पोषण संबंधी कमी के कारण बच्चे मिट्टी खाते हैं। यह डिसऑर्डर उन बच्चों को अधिक प्रभावित करता है जिनके शरीर में जिंक, आयरन या कैल्शियम की भारी कमी होती है।
क्या मिट्टी खाने के कोई वास्तविक फायदे हैं?
इंटरनेट पर भले ही ऐसे कई लेख मौजूद हों जो मिट्टी खाने के फायदे गिनाते हैं, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। डॉक्टर शिखा गर्ग स्पष्ट रूप से कहती हैं कि मिट्टी खाने का कोई भी स्वास्थ्य लाभ नहीं है।
सीनियर डॉक्टर धनंजय मंगल भी इस बात की पूर्ण रूप से पुष्टि करते हैं कि बच्चों के मिट्टी खाने से उन्हें किसी भी प्रकार का कोई फायदा नहीं होता है। यह सिर्फ एक खतरनाक आदत है जिससे पेट में संक्रमण (Infection) और कीड़े होने की सम्भावना बढ़ जाती है।
जैसे-जैसे बच्चों की उम्र बढ़ती है, उनकी यह आदत स्वतः ही छूट जाती है। लेकिन अगर बच्चा बार-बार मिट्टी खा रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर आयरन या कैल्शियम की जांच अवश्य करवाएं।
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