भारतीयों में कम उम्र में बुढ़ापा: मुख्य कारण और बचाव
सबसे ज़्यादा जरुरी परन्तु सबसे ज्यादा अनदेखा किए जाने वाली समस्या जो की भारतीयों में दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है एवं एक घातक रूप ले रही है, वह समस्या है कम उम्र में भारतीयों में दिखने वाला बुढ़ापा। बुढ़ापा या उम्र ढलना जो की भारतीयों में पिछले कुछ कम वर्षों में काफी कम उम्र से ही नज़र आने लगा है।
काफी कम उम्र या असमय बूढ़े हो जाना अर्थात बालों का सफ़ेद होना, बालों का झड़ना, दांतो में होने वाली समस्या, दांतो का अकाल गिरना, शरीर में ताक़त का न होना, दिन-प्रतिदिन कमजोरी आना, शरीर का ढलना आदि जैसी समस्याएं काफी कम उम्र में भारतीयों में देखने को मिलती हैं। इस चीज़ को सोचना या इस समस्या पर विचार करना अत्यंत आवश्यक हो चुका है कि क्यों भारतीयों में ये समस्या इतनी जल्दी एवं कम उम्र में ही सामने आ रही हैं?
- 1. प्रदूषित भारतीय वातावरण दिन प्रतिदिन भारतीय वातावरण बहुत अधिक प्रदूषित एवं किसी भी तरह के प्राणी चाहे वे फिर मानव हों या जीव-जंतु, किसी के लिए भी अनुकूल नहीं रहा है। वायु प्रदुषण हो या जल प्रदुषण, हर तरह से वातावरण दूषित है। दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों में लोगो की आम ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस श्रम भरी ज़िंदगी में मनुष्य को इस वातावरण का सामना न चाहते हुए भी करना पड़ता है, जिसका सीधा असर उनके बालों, चेहरे एवं शरीर पर बुढ़ापे के रूप में देखा जा सकता है।
- 2. आवश्यकता से ज्यादा पानी का सेवन ऐसा माना जाता है की ज्यादा पानी पीना हमारी सेहत के लिए लाभकारी होता है, परन्तु क्या आप जानते है की यदि जरूरत से ज्यादा पानी पिया जाये तो वह भी नुकसान का कारण बन सकता है? आवश्यकता से ज्यादा पानी पीने से शरीर में मौजूद आवश्यक पोषक तत्त्व जैसे सोडियम और कैल्शियम मूत्र त्याग के कारण कम हो जाते हैं, जिससे आप समय से पहले बूढ़े लगने लगते हैं। खाने के तुरंत बाद पानी का सेवन भी फायदेमंद नहीं होता।
- 3. खान-पान सम्बन्धी समस्याएं और मिलावट भारतीयों के बारे में यह कथन बिल्कुल सत्य है- "मसालेदार खाना जब चाहो तब पचाना..!" भारतीय चटपटे और तेज मसालेदार खाने के इतने शौकीन हैं कि वे अपने स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर जाते हैं। दूसरी बड़ी वजह खाद्य पदार्थों में दिन-प्रतिदिन बढ़ती मिलावट है, जो शरीर को इस हद तक नुकसान पहुंचा रही है कि लोग समय से पहले वृद्ध नज़र आने लगे हैं।
- 4. अस्त-व्यस्त दिनचर्या आजकल की भागती-दौड़ती जिंदगी में मनुष्य के पास अपने लिए ही वक़्त नहीं बचा है। व्यक्ति अपने खानपान पर उचित ध्यान नहीं दे पा रहा है, और न ही व्यायाम या शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकाल पाता है। इसका दुष्परिणाम तेजी से ढलती उम्र के रूप में सामने आता है।
- 5. अत्यधिक तनाव भरी जिंदगी इतनी व्यस्त जिंदगी में मनुष्य को शारीरिक के साथ-साथ मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ता है। इससे दिमाग की सोचने की क्षमता कम हो जाती है और नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है। पहले याददाश्त कमजोर होने की समस्या 70 वर्ष की उम्र में देखी जाती थी, परन्तु अब यह भारतीयों में 40 की उम्र में ही देखी जा रही है।
- 6. केमीकल्स एवं दवाइयों का अत्यधिक सेवन दवाईयां भारत में जिंदगी की जरुरत सी बन गयी हैं। इंसान झटपट नतीजों को पाने की चाह में इन दवाइयों (और रसायनों) का आदि हो गया है। यह निर्भरता उन्हें आंतरिक रूप से नुकसान पहुंचा रही है और भीतरी तौर पर कमजोर एवं वृद्ध बना रही है।
आपके लिए अन्य रोचक एवं उपयोगी बातें :
● हवाई जहाज सफेद रंग की ही क्यों होती है ?
● मनींदर जीत सिंह बिट्टा को 'जिंदा शहीद क्यों कहा जाता है?
● सोमालिया में समोसा प्रतिबंधित क्यों है?
● प्रधानमंत्री मंत्री द्वारा अन्य देश के प्रधानमंत्री से बात करने वाली 'हॉटलाइन' क्या होती है?
● गणपति बप्पा मोरया में 'मोरया' का क्या अर्थ है?
● रेल्वे स्टेशन पर 'समुद्र तल से ऊंचाई' क्यों लिखी होती है?