क्या होगा अगर ज़मीन में अनलिमिटेड गड्ढा खोदा जाए? द कोला सुपर डीप होल का रहस्य
क्या आपने कभी सोचा है कि अगर जमीन में अनलिमिटेड गड्ढा खोदा जाए तो वह कहां जाकर रुकेगा और उसमें से क्या निकलेगा? आइए आज इसी गहरे राज से पर्दा उठाते हैं।

द कोला सुपर डीप होल (The Kola Superdeep Borehole)
"द कोला सुपर डीप होल" धरती में खोदा गया अब तक का सबसे गहरा मानव निर्मित गड्ढा है। इस ऐतिहासिक और वैज्ञानिक प्रोजेक्ट के बारे में कुछ प्रमुख और हैरान कर देने वाले तथ्य नीचे दिए गए हैं:
- शुरुआत: यह बोर होल 24 मई 1970 को सोवियत संघ (Soviet Union) की सरकार द्वारा खोदना शुरू किया गया था।
- अविश्वसनीय गहराई: इस बोर होल की गहराई 12.262 किलोमीटर है, जो कि पृथ्वी की प्राकृतिक गहराई "मैरियाना ट्रेंच" (Mariana Trench) से भी ज्यादा गहरी है।
- मूल लक्ष्य: शुरुआत में इस बोर की गहराई 15 किलोमीटर तक करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन तकनीकी समस्याओं की वजह से 1992 में इस काम को रोक दिया गया।
- अत्यधिक तापमान: जब खुदाई 12 किलोमीटर के पार पहुंची, तो नीचे गहराई में तापमान 180 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। इतनी भीषण गर्मी में मशीनें पिघलने लगीं, जिस कारण खुदाई रोकनी पड़ी।
- पृथ्वी के क्रस्ट का हिस्सा: आश्चर्यजनक रूप से, यह विशाल गड्ढा धरती के क्रस्ट (Earth's Crust) का केवल 0.02 प्रतिशत हिस्सा ही है। उदाहरण के लिए: अगर हम पूरी पृथ्वी को एक सेब के आकार का मान लें, तो यह गड्ढा केवल उस सेब के छिलके जितना ही गहरा है।
- क्या मिला गहराई में?: इस प्रचंड गहराई पर वैज्ञानिकों को मुख्य रूप से 3 चीजें मिलीं - पानी, 6700 मीटर की गहराई पर कुछ सूक्ष्मजीव (Microfossils), और बेहिसाब तापमान।
- प्रोजेक्ट का अंत: साल 2006 में फण्ड (पैसों) की कमी के कारण इस प्रोजेक्ट को हमेशा के लिए बन्द कर दिया गया। वर्तमान में यहाँ विजिट करने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा हुआ है।
मान्यता बनाम वैज्ञानिक सत्य
मान्यता: इस प्रोजेक्ट को बन्द करने के पीछे अक्सर यह अफवाह उड़ाई जाती है कि वैज्ञानिक खोदते-खोदते 'नरक' तक पहुँच गये थे। यह दावा किया जाता है कि उन्हें सजायाफ्ता नरकीय प्राणियों के चीखने-चिल्लाने की डरावनी आवाजें सुनाई दे रही थीं।
वैज्ञानिक तथ्य: वैज्ञानिक इस बात को पूरी तरह खारिज करते हैं। असल सच्चाई यह है कि पैसे की भारी कमी और अत्यधिक तापमान (180°C) की वजह से ड्रिलिंग टूल (मशीनें) पिघलने लगे थे, इसलिए इस काम को मजबूरी में बन्द करना पड़ा।
अधिक रोचक और वैज्ञानिक तथ्यों के लिए हमारे ब्लॉग की अन्य पोस्ट भी अवश्य पढ़ें:
● सड़क के दोनों तरफ उगे पेड़ों पर सफेद पट्टी क्यों बनाई जाती हैं?
● विश्व की सबसे रहस्यमयी किताब जिसे आज तक कोई नही पढ़ पाया!
● शिवानंद स्वामी कौन हैं जिनका आरती के अंत में नाम आता है?
● भारत का वीआईपी पेड़ जिसकी सुरक्षा पुलिस करती है!
● भारत के एकमात्र न्यायाधीश जिन्हे फांसी की सजा दी गई!
यदि इस लेख में आपको किसी प्रकार की त्रुटि अथवा विसंगति दिखाई दे तो कृपया हमें कमेंट करके बताएं, ताकि सुधार किया जा सके! धन्यवाद!!
यदि यह जानकारी आपको अच्छी और ज्ञानवर्धक लगी हो तो इसे अपने मित्रों और परिवार के साथ शेयर अवश्य करें!